सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बीयर बार में कई तरह से कानून का मखौल उड़ाया जा रहा है। इस जगह पर तय समय सीमा के अलावा शराब और शबाब का लुत्फ उठाते हुए कभी भी देखा जा सकता है। सरकारी गाइडलाइन का कोई पालन यहां होता नहीं दिखता जैसे उससे संचालकों को कोई फरक ही नहीं पड़ता। सूत्र की जानकारी के अनुसार स्थानीय कुछ भ्र्ष्ट अधिकारियों की सूचना पर ये बार संचालक कारवाई से बच जाते है। यही कारण है कि इन्हे फरक नहीं पड़ता।
हाल ही में मुंबई के अन्य बीयर बार पर कारवाई हुई जिसमें बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां पाई गई जिसपर कारवाई की गई। लेकिन सांताक्रूज़ पुलिस स्टेशन की हद में चलने वाले इस बार पर कोई कारवाई नहीं की जा रही है। लोगों का कहना है की अगर कोई अप्रिय घटना घटी तो क्या ज़िम्मेेदार पुलिस और प्रशासन होगा ? आखिर कौन देंगा इसका जवाब ? क्या मनपा के सभी आदेश निर्देश इनके पास प्राप्त है ? क्या पुरी तरह से बारों की बनावट वैध है क्या सरकार की तरफ से आदेश निर्देश दस्तावेज़ पुरी तरह से इनके पास प्राप्त है पुरी जांच पढताल कर क़ानूनी कार्रवाई की जाना चाहिए ।